उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। क्यूंकि महिलाएं घर में भी काम करती हैं , खेतों में काम करती हैं लेकिन अपने घर के काम करने पर उन्हें पैसे नहीं दिए जाते जबकि दूसरों के खेतों में काम करने पर उन्हें पैसे दिए जाते हैं। उनका कहना है घर का काम करने पर भी उन्हें पैसे मिलना चाहिए।

दोस्तों, भारत में विविधता की कोई कमी नहीं है। यहाँ के विभिन्न राज्य, जिलों और गांवों में भिन्न-भिन्न सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक विशेषताएं हैं। ये भिन्नताएं जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करती हैं और विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति को भी प्रभावित करती हैं।भारत के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में भारी अंतर है। शहरी और विकसित क्षेत्रों में जहां स्कूलों और शिक्षा संस्थानों की संख्या अधिक है और सुविधाएं बेहतर हैं, वहीं ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की कमी और सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण शिक्षा प्राप्ति में असमानताएं देखने को मिलती हैं। दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह की असमानताएं है, जिसमे खेती किसानी भी एक है। यहाँ आपको किस तरह की असमानताएं नज़र आती है। *----- महिलाओं को कृषि और अन्य ग्रामीण उद्यमों में कैसे शामिल किया जा सकता है?

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से वंदना शुक्ला से साक्षात्कार लिया।पूजा ने बताया कि पैतृक सम्पत्ति में बेटियों को भी हिस्सा मिलना चाहिए।सम्पत्ति में बीटा और बेटी दोनों का बराबर हक़ होता है। बेटी सम्पत्ति में अधिकार लेगी तो बेटा के जैसा काम कर के दिखाना भी होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि बेटी सम्पत्ति में अधिकार ले कर ससुराल चली गई और बेटा ही माता - पिता की सेवा करे। बेटी भी अपने मां - पिता की उतनी ही सेवा करें जितना बेटा - बहू करते हैं.

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुषमा से साक्षात्कार लिया।सुषमा ने बताया कि बालिकाओं का शोषण बंद होना चाहिए। बालिका भ्रूण हत्या पाप है और कानून अपराध भी है। ऐसा करने वालों को कड़ी सजा देनी चाहिए। बालिकाओं को जन्म देना चाहिए एवं उनको शिक्षित करना चाहिए। बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नही हैं

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगा विष्णु पांडे से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। इससे भाई-बहन का रिश्ता टूट सकता है। महिलाओं को अपने पति के सम्पत्ति में अधिकार होना चाहिए ना कि पिता के सम्पत्ति में। इसतरह से भाई के साथ भी रिश्ता टूट जाएगा ,उनका पति के साथ भी रिश्ता खराब होगा कई तरह के असमानता होगी ,गांव वालों के साथ भी रिश्ता खराब होगा वे कहेंगे की भाई का हिस्सा खा रही है जो की अच्छी बात नहीं है

उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से नूतन उपाध्याय मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि बेटियों को पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा भाई रहने पर नहीं मिलना चाहिए। माँ बाप शादी कर देते हैं पढ़ाई लिखाई करते हैं इसलिए मायके में हिस्सा नहीं बनता है। माँ बाप शादी करते हैं और ससुराल पहुंचाते हैं ऐसे में माँ बाप की सेवा करना भी एक हिस्सा बन जाता है। भाई के रहते हुए मायके में हिस्सा नहीं ले सकते हैं ऐसे में रिश्ता में दरार पड़ जाता है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से पूजा से साक्षात्कार लिया।पूजा ने बताया कि भाई के रहते हुए बहन मायके की सम्पत्ति में हिस्सा नही ले सकती हैं। यदि भाई नहीं होगा तभी वहां हिस्सा मिल सकता है। माता - पिता बेटी को पढ़ते हैं और इनकी शादी करते हैं। ससुराल में ही बेटी का हिस्सा बनता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से नूतन उपाध्याय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रेशमा प्रजापति से साक्षात्कार लिया। रेशमा प्रजापति ने बताया कि बेटियों को मायके के सम्पत्ति में हिस्सा नही मिलना चाहिए। ससुराल में उनका हिस्सा होता है ,यदि भाई नही है तो उनका सेवा कर के सभी बहन हिस्सा ले सकती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के. सी. चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रवि कुमार से साक्षात्कार लिया।रवि कुमार ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति में अधिकार देना चाहिए। लेकिन ऐसा होने से भाई - बहन के रिश्ते में दरार आ सकता है। मायके में महिला का भाई नही है तो इस परिस्थिति में निश्चित रूप से महिला को सम्पत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। इस कानून से लाभ भी है और हानि भी है