उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं की शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, आज भी देखा जा रहा है कि समाज में कई महिलाएं अनपढ़ हैं। लोग शिक्षा देने से बचते हैं। अगर शिक्षा भी दी जाती है, तो भी वहाँ स्कूलों की कमी के कारण लड़कियाँ शिक्षा से वंचित हैं। सरकार कहती है कि हम शिक्षा देते हैं। इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि आज आप गांव जाकर लोगों को मारना चाहते हैं या कुछ और, तो लोग कहते हैं कि हम घर के लोग नहीं हैं। हस्ताक्षर नहीं कर सकते क्योंकि निरक्षरता अगर शिक्षा ही शिक्षा होती तो लोगों को पता होता कि किस कागज पर क्या लिखा है। सरकार आपकी शिक्षा को बढ़ावा नहीं देगी अगर कविता की शिक्षा नहीं होगी, तो पचहत्तर साल बीतने वाले हैं। निरक्षरता बहुत है, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में भी यह देखा जा रहा है कि पुरुष भी बहुत निरक्षरता से पीड़ित हैं, इसकी सबसे बड़ी कमी सरकार मानी जाएगी, क्योंकि प्राथमिक स्तर पर जो भी हो। स्कूल या तो दूर चले जाते हैं या शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण आज भी शिक्षा को बढ़ावा लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
