उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर जिला से अलोक श्रीवासीत्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मनरेगा का अधिकांश काम बरसात के महीनों में बहुत तेजी से किया जाता है। इसका कारण यह है कि जहाँ तक मैं समझता हूँ, मनरेगा का काम बरसात के मौसम में तेजी से होता है। डॉ. पोखरे आदि पटाई हैं। खुदाई ज्यादातर जून-जुलाई के महीनों में की जाती है क्योंकि बारिश से खेतों में नमी आती है, जिससे खुदाई करना आसान हो जाता है। लेकिन इससे नुकसान भी होता है। बारिश तेज हो जाती है। सारी मिट्टी, चाहे वह चाक हो, कंकड़ हो, या तालाब हो, तेजी से बढ़ती है क्योंकि ताजा खुदाई होती है। जिस तरह से मिट्टी बैठनी चाहिए वह बैठने में सक्षम नहीं है। अर्थात्, जहाँ लाभ होता है, वहाँ उससे अधिक नुकसान होता है, सब कुछ बराबर हो जाता है, इसलिए मैं मंगलबाड़ी के माध्यम से अपील करता हूँ कि यह बारिश से पहले किया जाए।
