उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि सरकार हर साल संत कबीर नगर में वृक्षारोपण पर बहुत पैसा खर्च करती है, लेकिन स्थिति वैसी ही है। जहां पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं वृक्षारोपण का काम कागज तक सीमित किया जा रहा है। हर साल सरकार द्वारा योजनाएं चलाई जाती हैं कि हर जिले में इतने सारे पेड़ लगाए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। कागज पर प्रतिबंधित, कोई देखभाल करने वाला नहीं है, जनता इस पर ध्यान नहीं देती है, और जिम्मेदार अधिकारी भी है। अगर हम इस बात पर ध्यान नहीं देते कि वृक्षारोपण हो रहा है, तो ऐसा लगता है कि केवल दस प्रतिशत पेड़ धारा पर रह गए हैं और पेड़ कहीं और नहीं दिख रहे हैं। यानी जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते, जिससे वृक्षारोपण का काम काफी प्रभावित होता है।
