गांव की बालिकाओं में जागृति अभियान चलाया गया। बालिकाओं में हस्तकला मेहंदी डिजाइन एवं अन्य कल के लिए प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाली बालिका को पुरस्कृत भी किया गया।