उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के जमुनहा प्रखंड से हमारे श्रोता की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राम मनोरथ से हुई। राम मनोरथ यह बताना चाहते है की वह साइकिल का दूकान खोलना चाहते है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू आलू की खेती के लिए खाद और सिचाई से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के गिलौला प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से जेनव से हुई। जेनव यह बताना चाहती है की वह बिसात की दूकान खोलना चाहती है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के गिलौला प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहती है की वह बिसात खाना खोलना चाहती है।उनके पति का इंतकाल हो गया है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के गिलौला प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से उत्तन खान से हुई। उत्तन खान यह बताना चाहते है की वह बकरी पालन करना चाहते है । उनको आर्थिक सहायता की जरूरत है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के गिलौला प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सजात खान से हुई। सजात खान यह बताना चाहते है की वह बकरी पालन करना चाहते है । उनको आर्थिक सहायता की जरूरत है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला श्रावस्ती के गिलौला प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रमज़ान से हुई। रमज़ान यह बताना चाहते है कि वह बकरी पालन करना चाहते है । उनको इसके लिए डेढ़ लाख रूपए की जरूरत है।
उत्तरप्रदेश राज्य के श्रावस्ती ज़िला के हरियारपुर रानी प्रखंड से सतीश दुबे की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नजीब अली से हुई। नजीब कहते है कि उनका गैरज है जो अभी ठीक से नहीं चल पा रहा है। व्यापार का विस्तार के लिए इन्हे दो लाख की ज़रुरत है
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा मसूर फसल की बुवाई से सम्बंधित जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
पिछले छह महीने से चल रहे कार्यक्रम 'अपनी जमीन अपनी आवाज़ ' को काफी हद तक श्रोताओं ने सराहा है और सभी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कई श्रोताओं ने इस कार्यक्रम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दिया । कार्यक्रम के माध्यम से समाज में कई परिवर्तन आ रहा है। एक महिला को पति के देहांत के बाद ससुराल से निकाल दिया गया ,मायके से सहयोग तो मिला पर भाई की तरफ से सहयोग नहीं मिला। पिता को पैतृक संपत्ति में बेटी का अधिकार की जानकारी नहीं थी ,पर कार्यक्रम के ज़रिये पिता को समझाया गया जिसके बाद उन्हें जमीन में हिस्सा मिला ,जिसके माध्यम से वो सशक्त और आत्मनिर्भर बनी। वहीं एक महिला उर्मिला देवी का कहना है कि इनके घर में अपनी जमीन अपनी आवाज़ कार्यक्रम सुना जाता है और इस कार्यक्रम से प्रभावित हो कर विचार में बदलाव आया और यह निर्णय लिया कि वो अपनी बेटी को दहेज़ न देकर जमीन का हिस्सा देंगी। दोस्तों , भले ही कार्यक्रम समाप्त हो रहा है लेकिन समाज में बदलाव की बयार धीरे धीरे ही सही बहने लगी है।
