उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राकेश कुमार पांडेय से हुई। राकेश कहते है कि पिता के नहीं रहने पर बेटी को जमीन का हिस्सा मिलना चाहिए। क्योंकि अगर उसे हिस्सा नहीं मिलता है तो परिवार वाले उनकी देखभाल नहीं करेंगे और अगर हिस्सा मिलेगा तो परिवार वाले बँध कर एक साथ रहेंगे और बेटी की परवाह करेंगे। लड़की और लड़का दोनों को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। बाद में लड़की पर निर्भर करता है कि वो जमीन लेना चाहेगी या नहीं। अगर लड़की की शादी हो जाती है तो उसे ससुराल में तो हिस्सा मिलेगा ही और वो मायके में हिस्सा छोड़ देगी क्योंकि किसी एक ही जगह लड़की को हिस्सा मिलता है।