उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को जमीन में हिस्सेदारी मिली है। वही खेतिहर भूमि की बात करें तो यह आंकड़ा घटकर 11 प्रतिशत पर आ जाता है, जबकि खेती का 80 प्रतिशत काम महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति की गंभीरता इस बात से भी लगाया जाता है कि जमीन पर अधिकारों की बात तो दूर है यहाँ महिलाओं को किसान ही नहीं माना जाता है। विस्तारपूर्वक खबर सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर।