भारत की बेरोजगारी दर चार महीने में सबसे उच्च स्तर पहुंच गई है। जैसा कि हर साल भारत की वर्कफोर्स को ज्यादा लोग ज्वाइन करते हैं। ऐसे में आने वाले समय में भी बेरोजगारी दर सरकार के लिए एक कठिन चुनौती रहेगी। रिसर्च फर्म सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकॉनमी से लिए डेटा के मुताबिक, देश भर में नौकरी जाने की दर अप्रैल में 8.11 फीसदी हो गई है, जो मार्च में 7.8 फीसदी थी। यह दिसंबर के बाद से सबसे ज्यादा नौकरी जाने की दर है। इसी अवधि में शहरी बेरोजगारी 8.51 फीसदी से 9.81 फीसदी हो गई है।भारत का लेबर फोर्स 2.55 करोड़ लोग बढ़कर 46.76 करोड़ हो गया है। अप्रैल में लेबर पार्टिसिपेशन रेट बढ़कर 41.98 फीसदी हो गया है जो पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा है। जो नए लोग रोजगार के लिए मार्केट में आए हैं उनमें से 87 फीसदी को नौकरी मिल गई हैं। क्योंकि अप्रैल महीने के दौरान अतिरिक्त 2.21 करोड़ नौकरियां क्रियेट की गईं। अप्रैल में रोजगार दर बढ़कर 38.57 फीसदी हो गया, जो मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है।CMIE के आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक नौकरियां क्रियेट की गईं। ग्रामीण श्रम बल में शामिल होने वाले लगभग 94.6 फीसदी लोग रोजगार प्राप्त कर चुके हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में केवल 54.8 फीसदी को नई नौकरी मिली है। CMIE का निष्कर्ष इस तथ्य की पुष्टि करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के रोजगार गारंटी कार्यक्रम की मांग कम हो रही है।अपने अप्रैल के बुलेटिन में, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि सर्दियों की फसल की बेहतर बुवाई और रोजगार में सुधार के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत काम की मांग जनवरी से कम हो रही है।साथयों,भारत में बढ़ती बेरोजगारी का कारण क्या है ?सरकार को बेरोजगारी दूर करने के लिए कौन से कदम उठाने चाहिए ?अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नंबर 3.
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने में तेजी से जुटे शिक्षा मंत्रालय की मुहिम को अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानि यूजीसी ने और रफ्तार देने का फैसला लिया है।आयोग ने इसे लेकर सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्तियों को लेकर एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। जिसे फिलहाल 'सीयू-चयन' नाम दिया है।जिसमें सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की ओर से शिक्षकों से निपटने वाली भर्तियों सहित उसके जरिए ही आवेदन करने आदि की सारी सुविधा भी मुहैया कराई है। यूजीसी ने यह पहल तब की है, जब सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की निकलने वाली भर्तियों की जानकारी सभी को समय से नहीं मिल पा रही थी। इसके लिए अभ्यर्थियों को हर समय सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की अलग -अलग वेबसाइट पर नजर रखनी होती है। मौजूदा समय में देश में करीब पचास केंद्रीय विश्वविद्यालय है, ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों को सभी पर नजर रखना मुश्किल होता है। इसके चलते विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्तियां लंबे समय से बनी आ रही है।यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक सीयू-चयन नाम से तैयार किए गए इस पोर्टल में अब एक ही जगह पर सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की शिक्षकों की भर्तियां दिखेगी। साथ ही इसी पोर्टल के जरिए आनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। इस दौरान शिक्षकों की निकलने वाली भर्तियों की रियल टाइम जानकारी मौजूद रहेगी। फिलहाल इस पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। साथ ही भविष्य में शिक्षकों में जो भी भर्तियां निकलेगी, वह इस पर मौजूद रहेगी। वर्तमान समय में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के छह हजार से ज्यादा पद खाली है।साथयों,एक ही पोर्टल पर शिक्षक भर्ती की जानकारी उपलब्ध होने से क्या लाभ होगा ? इस प्रक्रिया में और क्या सुधार करने की आवश्यकता है?अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नंबर 3.
केंद्र द्वारा देश के रोजगार, वृद्धों और महिलाओं के हित के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के बारे में सरकार द्वारा सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जानकारियां दी जाती हैं। इस बीच गवर्नमेंट ज्ञान के नाम से एक यूट्यूब चैनल पर तीन महीने पहले अपलोड किया गया एक वीडियो फिलहाल तेजी से वायरल हो रहा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
देश में हाईस्पीड ट्रेन चलाने की परियोजना ने गति पकड़ ली है। 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन 2027 तक अपने ट्रैक पर आ जाएगी। बुलेट ट्रेन को इतनी तेज गति से चलाने के लिए ट्रैक की मजबूती भी वैसी ही होनी चाहिए, इसलिए फोकस अब ट्रैक निर्माण पर किया जा रहा है।एक हजार इंजीनियरों एवं वर्क लीडरों को ट्रैक निर्माण की तकनीक बताई जा रही है।इसके लिए सूरत डिपो में विशेष तौर पर तीन ट्रेल लाइन का निर्माण किया गया है। जापानी विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की परियोजनाओं पर मार्च, 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र में 749 में से 402 परियोजनाएं निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं। रेलवे की 173 में से 115 परियोजनाएं अपने समय से पीछे चल रही हैं, जबकि पेट्रोलियम क्षेत्र की 145 में से 86 परियोजनाएं पूरा होने का इंतजार कर रही हैं।रिपोर्ट से पता चलता है कि मुनीराबाद-महबूबनगर रेल परियोजना सबसे अधिक देरी से चल रही है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया। आईएमडी के अनुसार, देश के उत्तर, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, उत्तर-पूर्व और पूर्व के क्षेत्रों में 50-70 किमी प्रति घंटेकी गति के साथ हवाएं चलने और बारिश की संभावना है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया। आईएमडी के अनुसार, देश के उत्तर, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, उत्तर-पूर्व और पूर्व के क्षेत्रों में 50-70 किमी प्रति घंटेकी गति के साथ हवाएं चलने और बारिश की संभावना है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
गूगल ने प्ले स्टोर की नीति की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए 2022 में भारत में 3,500 से अधिक लोन ऐप के खिलाफ कार्रवाई की। गूगल ने गुरुवार को यह जानकारी दी।गूगल ने कहा;भारत में, 2022 में हमने प्ले स्टोर की नीति की आवश्यकताओं के उल्लंघन के लिए 3,500 से अधिक लोन ऐप्स को हटाने सहित आवश्यक परिवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की है और कार्रवाई की है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
एक अध्ययन के अनुसार, भारत में हवा की खराब गुणवत्ता दो साल से कम उम्र के शिशुओं में ज्ञान-संबंधी समस्या पैदा कर सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा, बच्चों में लंबे समय तक मस्तिष्क के विकास पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव का असर पूरे जीवन भर रह सकते हैं।ब्रिटेन के ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर जॉन स्पेंसर के अध्ययनों से पता चला है कि हवा की खराब गुणवत्ता बच्चों में ज्ञान-संबंधी कमी के साथ-साथ भावनात्मक और व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़ी है, जिसका आगे चलकर परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों आंधी की संभावना, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर बारिश, ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
