सिवान: दरौली प्रखंड मुख्यालय के 15 हजार से ज्यादा आबादी के लिए गांव से पूरब दरौली-रघुनाथपुर मुख्य मार्ग पर जाने वाली एकमात्र ग्रामीण सड़क है। जो विगत 10 वर्षों से अपने बदहाली को लिए सरकार के खोखली विकास घोषणाओं की तरफ अपनी निर्माण के लिए आस लगाए देख रही है। स्थानीय लोग पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते लगाते थक से गए हैं, परंतु लाभ के नाम पर विगत 10 वर्षों में किसी भी अधिकारी या स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नजर इस सड़क पर अब तक नहीं पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि 2 साल पूर्व इस सड़क के नव निर्माण के लिए योजना लाई गई थी, लेकिन अब तक इस सड़क का निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। इसके चलते स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूछे जाने पर ग्रामीणों ने बताया कि दरौली के वार्ड संख्या- 11और 12 के सभी लोगों को खेती- गृहस्ती, शादी-विवाह अथवा किसी भी कार्य के लिए मूल रूप से इसी रास्ते से होकर जाना होता है। लेकिन रास्ते की स्थिति काफी दयनीय होने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते पर ईट करण का कार्य वर्ष 1995 से पूर्व तत्कालीन स्थानीय मुखिया रूद नारायण सिंह के द्वारा कराया गया था । जो बरसात में जलजमाव होने एवं काफी समय बीत जाने के चलते काफी जर्जर हो गई है। सड़क को देखने से ही ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह रास्ता कम गड्ढ ज्यादा हैं। ग्रामीण राजेश भगत, सुनील भगत,रमेश पटेल, देवेन्द्र भगत, संजू श्रीवास्तव, मुकेश पटेल, सेराज खान, अजाद खान, सिपाही खान, कलामु खान सहीत सैकडों ग्रामिणों का कहना है कि उक्त रास्ते को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार शिकायत को अनसुना कर दिया जाता है। जिसके चलते ग्रामीणों को उबड़ खाबड़ और गंदे पानी से भरे इस रास्ते से ही होकर आना व जाना पड़ता है ।