उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी जिला से सुनील कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया बदलते मौसम के कारण बहुत परेशानी हो रही है। लोगो को बहुत सर्दी जुकाम हो रही है और इन सबके लिए हम ही ज़िम्मेदार है क्योंकि हम पेड़ो की कटाई कर रहे है और बिना मौसम बारिश हो रही है। बारिश ना किसान खेती नहीं कर पा रहे है इससे किसानो को जीविका यापन में भी बहुत परेशानी हो रही है।

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला वाराणसी से रिंकू मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है कि मौसम परिवर्तन से जिव जन्तुओ पर असर पड़ रहा है ,पेड़ पौधों को भी पानी नहीं मिल रहा है ,पशुओ को खाना नहीं मिल रहा है ,फसल नहीं हो रही है ,लोगो को सर्दी खाँसी हो रही है

वाराणसी से अंजलि ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि वर्षा नहीं होने के कारण पशु पक्षियों को पानी नहीं मिल पा रहा है ,किसानों को खेती में नुकसान हो रहा है। पेड़ पौधे भी सूखते जा रहे है

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला वाराणसी से हंसराज मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मौसम परिवर्तन के कारण कई तरह की बीमारियाँ हो रही है और जिव जन्तुओ और मनुष्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

वाराणसी से राहुल ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि वर्षा नहीं होने के कारण जलस्तर घट रहा है।जंगल में रहने वाले जीव जंतु घट रहे है। कई बीमारियाँ आ रही है

वाराणसी से सुशील कुमार ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि मौसम परिवर्तन के कारण ठण्ड पहले आ चूका है जिससे लोगों को जुखाम बुखार ,टाइफाइड आदि बीमारी हो रही है

वाराणसी से आर्यन कुमार ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि वर्षा नहीं होने के कारण पशु पक्षी और मानव जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। खेती बारी नहीं हो पा रही है पेड़ पौधे सूख रहे है जिससे ऑक्सीजन की मात्रा घट रही है। जलस्तर भी घट रहा है। वर्षा नहीं होने से किसान खेती नहीं कर पा रहे है और बीमारियाँ भी फैल रही है

उत्तर प्रदेश राज्य के जिला वाराणसी से सुहानी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है बदलते मौसम के कारण वर्षा नहीं हुई और वर्षा नहीं होने के कारण नदी तालाब सूखते जा रहे है और खेती भी नहीं हुई है।

वाराणसी से स्नेहा मौर्या ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि वर्षा नहीं होने के कारण जल स्तर घट रहा है। वनस्पति ,जीव जंतु ,मनुष्य जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही कई तरह की बीमारियाँ भी हो रही है।

वाराणसी से श्रीराम ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि करोड़ों रूपए लगा कर किसान बीज बोए परन्तु अच्छी फसल नहीं हो पाई। किसान काफ़ी परेशान है