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वाराणसी में क्षय रोगियों की निगरानी 'अमरोहा मॉडल' से होगी। इसके लिए कॉलिंग बेस्ड मोबाइल ऐप लांच होगा। उम्मीद है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने काशी के दौरान इसे लांच कर सकती हैं। इसके माध्यम से मरीजों को दवा खाने के लिए हर रोज फोन कॉल होगी। जिले में वर्तमान में 7321 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। कई मरीजों के नियमित दवाई नहीं लेने से दवा उन पर असर नहीं कर रही है। ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समस्या को देखते हुए अब इनकी निगरानी की जाएगी। सक्रिय रोगियों को रोजाना सुबह आठ से रात आठ बजे के बीच फोन कर उनका हाल-चाल लिया जाएगा। ऐप में उपलब्ध ऑप्शन चुनने पर उन्हें वह सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इस बारे में टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनवित ने बताया कि टीबी मरीज यदि अपना उपचार पूरा करता है। तो वह पूरी तरह ठीक हो जाता है। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने कहा कि देश को 2025 तक टीबी मुक्त करना है। टीबी के मरीजों को नियमित दवा लेनी होगी।

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जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते आशा बहन

आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ई.रमा शंकर सिंह पटेल ने कहा कि जहां एक ओर यूपी में बेरोजगारी दर निरंतर बढ़ती जा रहीं हैं, तो वही दूसरी ओर बमुश्किल निकल रहीं भर्तियों के परीक्षाओं के पेपर भी लीक हो जा रहे हैं। साथ ही नकल माफिया भी सक्रिय हों जाते हैं। यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा 17 - 18 फरवरी को आयोजित हुए थी। जिसका पेपर लीक हो गया । कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों परीक्षार्थियों के मेहनत पर पानी फिर गया हैं।

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आपने एक वाहन पर एक से अधिक फास्टैग ले रखे हैं,या फिर केवाईसी अपडेट नहीं कराया है। तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती है। एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करते समय समस्या से बचना है। तो 29 फरवरी तक केवाईसी अपडेट करा लें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो आपके फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से जुड़े अधिकारी बताते है कि इस बार केवाईसी अपडेट कराने की अंतिमतिथि आगे बढ़ाने को संभावना बेहद कम है, क्योंकि बैंक और फास्टैग वॉलेट सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों से जो डाटा मिला है, उसके मुताबिक 31 जनवरी को केवाईसी अपडेट करने की तिथि को एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया था, लेकिन इसके बाद से केवाईसी अपडेट कराने वाले लोगों की संख्या में कमी आई। हालांकि, 20 से 31 जनवरी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने केवाईसी अपडेट कराया। अब अंतिम तिथि को आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद बहुत कम है। काफी संख्या में लोगों ने एक वाहन पर दो या उससे अधिक फास्टैग ले रखें है, जिससे एजेंसियों को कई बार टोल शुल्क काटने में परेशानी होती है।