वाराणसी में कार्यों की पूर्ति व स्थानांतरण प्रमाणपत्र न उपलब्ध कराने और काम में रुचि नहीं लेने के आरोप में सीडीओ हिमांशु नागपाल ने गुरुवार को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) के अधिशासी अभियंता समेत सभी एई व जेई का वेतन रोकने का आदेश दिया। सीडीओ ने विकास भवन में विधायक निधि, सांसद निधि, सीएसओ, पूर्वाचल विकास निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना के अधूरे कार्यों की प्रगति जानी। यूपी सिडको के एक्सईएन के गैरहाजिर होने पर नोटिस जारी किया। क्षेत्रीय प्रबंधक लघु उद्योग प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक म भी पहुंचे थे। सहायक अभियंता व अवर अभियंता को कार्यों की जानकारी नहीं ह होने से क्षेत्रीय प्रबंधक का भी फरवरी का व्य वेतन रोकने को एमडी लघु उद्योग कानपुर को पत्र लिखने का निर्देश दिया।
उ प्र शासन द्वारा शिवपुर, चेतगंज और कैंट थानो के पुलीस कर्मियो के लिए मल्टीस्टोरी आवास बनाने की स्वीकृति दी गई है।
यूसूफपुर खंड पर इंटरलाक कार्य के चलते-फिरते चार दिन रिशिड्यूल होकर कामायनी चलेगी।
आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. एसएन शंखवार ने कहा समाज में मिर्गी को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए शोध जरूरी है। बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग और आईएएन चैप्टर की ओर से केएन उडप्पा सभागार में चार दिनी इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी (आईईएस) समर स्कूल के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। आईईएस प्रेसिडेंट डॉ. पी. शरद चंद्रा ने कहा कि मिर्गी को लेकर लगातार काम की जरूरत है। हम मरीजों का केवल इलाज न करें बल्कि उन्हें जागरूक करें। प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि बीएचयू का न्यूरोलॉजी विभाग हर माह दूसरे व चौथे रविवार को सुदूर क्षेत्रों में निःशुल्क कैंप लगाया जाता है। विभाग के प्रो. आरएन चौरसिया, प्रो. दीपिका जोशी, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. आनंद, डॉ. वरुण व अन्य ने शोध पर चर्चा की। कार्यक्रम में डॉ. विनीता सिंह, डॉ. प्रिया देव, निधि चंद्रा, दामिनी शुक्ला के अलावा सभी शोधार्थी मौजूद रहे।
जन्म- प्रमाण पत्र व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में अब कोई समस्या नहीं है। पूरे जनपद के हर ग्राम पंचायत के लिए एक-एक जन्म-मृत्यु रजिस्टार सेक्रेटरी या ग्राम पंचायत अधिकारी नामित किए गए हैं। और उसी प्रकार से नगर निगम के अंतर्गत 8 जोन बनाए गए हैं। जहां नगर जोन अधिकारी बैठते हैं,उनके कार्यालय में जन्म- मृत्यु का पंजीकरण किया जाता है। प्रमाण पत्र दिया जाता है। जरूरी है कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण करना है। यह कानूनी कर दिया गया है। और जहां पर मृत्यु होगी जन्म या मृत्यु रजिस्टार जो होता है उनका प्रमाण पत्र निर्गत करते हैं विशेष करके इसी बात का ध्यान रख करके आपको आवेदन पत्र देना होगा यदि नगर क्षेत्र के चिकित्सालय में अगर किसी का जन्म या मृत्यु होता है। इसकी सूचना नगर जोन को दिया जाएगा जिस नगर जोन में चिकित्सालय पड़ता है और इस पर उसका जन्म या मृत्यु का प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाएगा जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी हरिवंश यादव कहा कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन करने के लिए पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। और सीधे पोर्टल पर इसकी सूचना नगर निगम से संबंधित जोन को दे सकते है। उन्होंने बताया कि कोई भी अस्पताल इसके लिए हीला हवाली करता है। तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। जन्म मृत्यु की घटनाओं को अगर 21 दिन के अंदर पंजीकृत कर दिया जाता है,तो उसके लिए कोई शुल्क नहीं होता है।अगर 21 दिन के बाद जमा किया जाएगा तो विलंब शुल्क लगेगा
नागरी प्रचारिणी सभा परिसर में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनेगा। प्रदेश सरकार के पर्यटन और संस्कृति विभाग के सहयोग से सभा परिसर के उत्तरी छोर पर प्रस्तावित इस ऑडिटोरियम में कॉन्फ्रेंस हॉल, ओपन एयर थिएटर और कैफेटेरिया भी बनेंगे। यह जानकारी विश्वेश्वरगंज स्थित नागरीप्रचारिणी सभा में प्रेसवार्ता में प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने दी। उन्होंने कहा कि कार्यदायी एजेंसी के रूप में यूपीपीसीएल का चयन हुआ है। रंगमंच के कलाकारों के लिए यह ऑडिटोरियम सबसे मुफीद स्थान बनेगा। व्योमेश शुक्ल ने बताया कि सभा के पुस्तकालय में मौजूद 25 हजार पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। सभा ने 80 पुस्तकों का संकलन कर लिया है। उन्हें जल्द ही विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें कबीर, सूर, तुलसी के अलावा ख्यातिलब्ध साहित्यकारों की रचनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नागरी प्रचारिणी सभा आने वाले दिनों में कई योजनाओं पर काम शुरू करेगी। पांडुलिपियों का वैज्ञानिक डाटाबेस तैयार करने और इस बौद्धिक संपदा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के साथ बात हो चुकी है। मिशन के निदेशक अनिर्बान दास जल्द ही सभा का दौरा करेंगे।
वाराणसी में पिछले दिनों हुए बारिश से पक चली सरसों के साथ फूल वाली अरहर, चना आदि फसलों को नुकसान की आशंका है। खेतों में काटकर रखी गई अगैती सरसों के सड़ने का डर है। कल्लीपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि खेतों में बारिश का पानी नहीं जमा । इससे सब्जियों, गेहूं और आलू की फसलों को बहुत नुकसान नहीं होगा। सरसो पर फंगस और दलहनी फसलों का. फूल झड़ने की आशंका बनी हुई है।
वाराणसी के चौक स्थित गेट नंबर 4 पर गुरुवार शाम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सत्यम शिवम सुंदरम महामंत्री के नेतृत्व में दर्शन करने पहुंचे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महामंत्री सत्यम शिवम सुंदरम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय युवा मंच के कार्यकर्ता आज अपने पूर्वज के यहां दर्शन पूजन करने आए हैं। हम सभी लोगों के पूर्वज बाबा विश्वनाथ है। हम सभी मुस्लिम भाई सनातनी है। इसलिए हम सभी लोग आज अपने पूर्वज विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग विदेशी संस्कृति एवं विदेशी भाषा की गुलामी से निकल करके सामाजिक समरसता बहती थी वही संदेश सनातनी मुसलमान देना चाहते है।
वाराणसी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की उपज जल्दी ही विदेश भेजी जाएगी। स्वयंसेवी महिलाएं सिंघाड़ा और केले की खेती करेंगी जिसे निर्यात किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार 511 तालाबों में सिंघाड़ा की खेती होगी। केले की खेती भी की जाएगी। इन महिलाओं को सरकार विशेषज्ञों से प्रशिक्षण भी दिलवाएगी। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि 5 वर्षों में 511 तालाब बनाए गए हैं। चयनित तालाब समूह की महिलाओं के घर के आस- पास हो, तालाब पूजा के लिए न इस्तेमाल हो रहा हो, तालाब के पास मंदिर न हो इन बातों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
