बेसिक स्कूलों में बेहतर शिक्षण के लिए टीएलएम (टीचिंग ऐड लर्निंग मॉड्यूल) बैंक बनाने का काम डायट सारनाथ में किया जा रहा है। बैंक के लिए 20 टीएलएम के चयन का काम पूरा किया गया। इसमें जिले के तीन एसआरजी और डायट प्रवक्ता शामिल रहे। डायट प्राचार्य उमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि टीएलएम का उद्देश्य बच्चों को आसान तरीके से सिखाना और उन्हें पढ़ाई से जोड़ना है। इसमें यह भी ध्यान रखा जाता है कि टीएलएम प्रभावी, सरल और कम लागत के हों ताकि बच्चों के लिए अधिक उपयोगी हो सकें। डायट प्रवक्ता हरगोविंद पुरी ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रभावी शिक्षण के लिए, हर जनपद में 20 उत्कृष्ट इनोवेटिव टीएलएम बैंक बनाया जाना है जो पाठ्यवस्तु, विषयवस्तु एवं शिक्षण योजना के अनुसार हों। साथ ही बहुउद्देशीय, टिकाऊ एवं स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होने वाले हों। इसे प्रेरणा पोर्टल एवं बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। टीएलएम का चयन एसआरजी राजीव कुमार सिंह, अखिलेश्वर गुप्ता, कुंवर भगत सिंह के साथ डायट प्रवक्ता हरगोविंद पुरी, अनुराग सिंह, अरविन्द सिंह आदि ने किया
