आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने 75 वर्ष में किसी नई औषधि की खोज न होने पर चिंता जताई उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के शोध को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय एवं आरसी आईसीएमआर एंट्रीगेट सेंटर खोलने की तैयारी में है उन्होंने उम्मीद जताई कि 2030 तक तीन और 2047 तक 10 नई औषधि विकासित करने की सफलता मिलेगी वह बीएचयू के एन उडप्पा सभागार में आयोजित बीएचयू आयुर्वेद के 100 वर्ष एवं अमृतकाल के लिए रोड मैप विषयक कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि थे दो दिनी यह आयोजन बीएचयू आयुर्वेद संकाय के 100 वर्ष पूरे होने पर किया गया वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों को अपनी ही पैथीकी ही दवा चलानी चाहिए तभी वैद्य को समाज में प्रतिष्ठा मिल सकती है मंत्रालय के गतिविधियों के बारे में उन्होंने बताया आईएलबीएस के सहयोग से पंचकर्म पर शोध हो रहा है एम्स नई दिल्ली में भी आयुष विभाग खोलने की कवायत चल रही है 120 करोड़ की लागत से आयुष डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है। उन्होंने बीएचयू आयुर्वेद संकाय में 180 के स्थान पर 500 बेड होने पर जोर दिया इस दौरान पद्मश्री प्रोफेसर मनोरंजन साहू प्रोफेसर कमलेश शर्मा प्रोफेसर चंद्रशेखर पांडे प्रोफेसर पी हेमंत विचार रखें कार्यक्रम में 40 से अधिक शोध पत्र पढ़े गए प्रमुख प्रोफेसर पी गोस्वामी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया