परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग किया तो घर में सम्मान भी बढ़ गया। हर निर्णयों में हमारी राय ली जाने लगी। यह अनुभव वाराणसी के सुल्तानपुर गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने वर्ल्ड बैंक की महिला पदाधिकारियों को टीम से साझा किए। दुभाषिए के माध्यम से पदाधिकारियों ने जब इन महिलाओं की बात समझी तो इनके आत्मविश्वास पर चकित हो गईं। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले समूह की सदस्य चिंता देवी ने कहा कि परिवार का खर्च बांटने की बहुत खुशी है। वर्ल्ड बैंक की टास्क लीडरस्टेफेनिया एबाकेरी एवं पर्यावरण विशेषज्ञ सोनवा पीटर ने पार्वती, जमुनी से पूछा परिवार में किसी निर्णय लेने में आप लोगों का कितना प्रभाव होता है। महिलाओं ने कहा कि जब से आय बढ़ी है तब से किसी भी निर्णय में हमारी राय भी ली जाती है।समूह की महिलाओं ने बिजली खर्च कम करने को सोलर पैनल की जरूरत बताई। इसके लिए फंड की कमी बात भी कही। महिलाओं ने कहा कि कुछ वर्षों में 20% आय बढ़ी है। त्योहारों पर मिट्टी के बर्तनों के अच्छे ऑर्डर मिल जाते हैं।