मध्यप्रदेश से आशीष ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शायरी की प्रस्तुति की है, शायरी के बोल हैं दस्तानों में मिले थे दास्तां रह जाएंगे उम्र बूढ़ी हो तो हो हम नौजवान रह जाएंगे, शाम होते ही घरों को लौट जाना है हमें साहिलों पर सिर्फ कदमों के निशान रह जाएंगे
मध्यप्रदेश से आशीष ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शायरी की प्रस्तुति की है, शायरी के बोल हैं दस्तानों में मिले थे दास्तां रह जाएंगे उम्र बूढ़ी हो तो हो हम नौजवान रह जाएंगे, शाम होते ही घरों को लौट जाना है हमें साहिलों पर सिर्फ कदमों के निशान रह जाएंगे