नमस्कार छत्तीसगढ़ राजनांदगांव से मैं वीरेंदर गंधर्व बोल रहा हूं आज विश्व जल दिवस के अवसर पर यही कहूंगा जल है तो आज है जल है तो कल है जल है तो फूल है फल है जल है तो दाल रोटी चावल है याद रखो दोस्तों ने मोती से भी कीमती जल है संभाले जल को देखो भालो जल को ऐसा ना हो कि हम खो दें जल को धन्यवाद
