महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले से नरेंद्र हराने मोबाइल वाणी के माध्यम से बहुत ही अच्छी कहानी प्रस्तुत की। उसमे इन्होने यह बताया कि एक किसान जमींदार की जमीन पर खेती करता था और उसे खेती करने के कम पैसे मिलते थे। किसान को अचानक एक सोने का पतीला मिला। किसान का फावड़ा उस पतीले में गिरने के बाद वह फावड़ा एक से दो हो गया। किसान समझ गया कि यह पतीला जादुई है। किसान के मन में लालच आई और वह उस पतीले को अपने घर लाया और उस जादुई पतीले से खूब फायदा उठाया। यह बात जमींदार को पता चला तो जमींदार ने उस किसान के घर गया और उस पतीले को लेकर अपने घर आया। क्योकि जमींदार के मन में भी उस जादुई पतीले के बारे में जानकर लालच आई और उसका खूब फायदा उठाया। जब यह बात राजा तक पहुँची तो राजा ने जमींदार से पतीला लेकर अपने महल पहुँचा। राजा बहुत ही लालची था उसने इसका फायदा उठाते हुए वह अपने खजाने को दो गुणा कर लिया। राजा लालच के वश में आकर उसने यह सोचा की क्या यह पतीला इंसानो को भी दो गुना कर सकता है, तो वह राजा पतीले में बैठकर देखा तब राजा के नकली राजा बन गया। तब वह सोचने लगा की यह मैंने क्या कर दिया। इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी करनी चाहिए
