इरफ़ान की तरफ से अच्छा सा गाना अरिजीत सिंह दिल का दरियां बह ही गया है इश्क इबादत बन ही गया खुद को मुझे तू सौप दे मेरी जरुरत तू बन गया ,बात दिल की नजरों ने की सच कह रहा तेरी कसम ,तेरे बिन अब न लेंगे एक भी दम ,तुझे कितना चाहने लगे हम ,तेरे साथ हो जायेंगे ख़तम म म ,तुझे कितना चाहने लगे हम।इस जगह आ गयी चाहते अब मेरी छीन लूंगा तुम्हे सारी दुनिया से ही। तेरे इश्क पर हक़ मेरा ही तो है। कह दिया ये मैंने मेरे रब से ही। जिस रास्ते तू न मिले उसपे न हो मेरे कदम तेरे बिन अब न लेंगे एक भी दम ,तुझे कितना चाहने लगे हम
