आदाब दोस्तों इरफान की आवाज में अच्छा सा गाना एस.एच.इ.आर आज रो लें दे वे जी भरके मेरी साँसो से दगा करके तू गया मुझको फ़ना करके वे जानिया मेरा जख़्म-इ-दिल हरा करदे इस घुम की अब दवा करदे नज़रों को वफा करदे वे जानिया आदत है तेरी य तेरा नशा है कैसे बताऊँ तुझको रहबरा साँसों को तेरी जरूरत करे कैसे बयाँ कोई हो आँखों में है ऐसी रंगत की रौशन हो जहाँ कोई दिल भी वारे मोहब्बत है अब चाहता तो ही राहत है तेरा गम ही मेरी मंज़िल है तू ना क्यूँ मुझको हाशिल है हूँ मै दरिया तू साहिल है वे जानिया आज रो लें दे वे जी भरके मेरी साँसो से दगा करके तू गया मुझको फ़ना करके वे जानिया
