हाय चंद्रकांत महाराष्ट्र जिला अमरावती से दोस्तों मैं आपको एक शायरी बोलने वाला हूँ। जिस गली से जिस गली से मेरा जनाज़ा निकला था सारा शहर मेरे जनाज़े के पीछे था ,जिस गली से मेरा जनाज़ा निकला था सारा शहर मेरे जनाज़े के पीछे था ,लेकिन जिस के लिए मेरा जनाजा निकला था वही नहीं थ