हेलो मध्यप्रदेश मैं अरुण मैं एकबार फिर से हाजिर हु नासिक महाराष्ट्र से तो बहुत अच्छी लाजवाब प्रस्तुतियां आ रही है कोई कविता तथा कोई गाना सुना रहा है मैं एक गाना सुना रहा हु छिप गए सारे नज़ारे है क्या बात हो गयी तूने काजल लगाए दिन में रात हो गयी तूने काजल लगाए दिन में रात हो गयी छिप गए सारे नज़ारे है क्या बात हो गयी
