नमस्कार दोस्तों मैं महारष्ट्र से नरेंद्र हरारी बात कर रहा हूँ एक कहानी प्रस्तुत है आप सभी के लिए दोस्तों आज की कहानी का नाम है जादुई लड्डू तो एक दिन यशोधा नाम की एक औरत अपने दो बेटों के साथ एक गांव में रहती थी वो बहुत बूढ़ी हो चुकी थी उनका एक बीटा बहुत ही अलसी था उसे काम करना बिलकुल पसंद नहीं था दूसरा बीटा बहुत अच्छा था वो अपनी माँ की बहुत सेवा करता था जब उनकी माँ का अंतिम समय आया तो उनकी माँ ने उन दोनों को अपने पास बुलाया कहा बेटो मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ ये लो एक एक जादुई लड्डू ले लो और तुम इसे मुँह में रख कर जितना भागोगे जितनी ज़मीन पर भागोगे उतनी ज़मीन तुम्हारी हो जाएगी तो उसके बाद उस माँ जी का निधन हो उसके बाद उन दोनों ने सोचा कि लड्डू आजमा लेते है जो अपनी माँ की सेवा किया करता था बड़ा बेटा वो मुँह में लड्डू रख कर 5 बीघा तक ही भगा और फिर उसने लड्डू खा लिया।
