नमस्कार सागर दुबे बोल रहा हूँ औरंगाबाद महाराष्ट्र से और लुई ब्रेल डे की सभी को बहुत शुभकामनयें ब्रेल अगर ना होते तो हमारा पढ़ना लिखना बहुत ही मुश्किल हो सकता था ,उन्होंने ब्रेल लिपि हमारे लिए निकली इस लिए मैं ये सन्देश देना चाहता हूँ कि अच्छी तरह पढ़े और लिखे ब्रेल लिपि