छत्तीसगढ़ राज्य के खेरागढ़ राजनात्गढ़ से जया मुंडा गीत प्रस्तुत कर रही हैं,जिसमे वो कहती हैं कई , गूंजे गूंजे कोयलों कूके ना गूंजे ना गूंजे बंधू। यही हमारा सपना है ,यही हमारी अभिलाषा ढाई अक्षर प्र्रेम के बोले वो या बोले कोई भी भाषा।