छत्तीसगढ़ राज्य से वीरेंदर गन्धर्व मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहना चाहते है की नक़ल करने के लिए भी हमे अकाल की जरूरत पड़ती है एक तबाह होता है नशा कर के और एक बिना बुद्धि का इस्तेमाल किये बिना अपने दिमाग का इस्तमाल किये हुए अगर हम काम करेंगे तो हमारी दशा जानवरो जैसे हो जाएगी