छत्तीसगढ़ से वीरेंदर गंधर्व मोबाइल वाणी के माध्यम से कबीर का दोहा प्रस्तुत कर रहे है जिसके माध्यम से वे नक़ल से बचने की सलाह दे रहे है आदमी जब किसी की नक़ल करता है तो अपनी अक्ल खो देता है। नक़ल की प्रवृति हमें बुराई की ओर धकेल देती है। इसलिए नक़ल से बचे।