छत्तीसगढ़ से वीरेंदर गंधर्व मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि साहित्य में नवरस पाए गए है। और एक रस है हास्य रस जिनके जीवन में हास्य रस है वे तनाव और दुःख की कभी बात नहीं करते वो हमेशा प्रसन्न रहते है और तमाम रोगो से अपने आप को दूर रखते है।विज्ञानं ने भी यह साबित कर दिया है हंसने से फेफड़ो और हृदय की गति ठीक रहती एवं आयु लम्बी होती है। जब हंसने के इतने फायदे है तो हँसे और दुसरो को हँसाये और जीवन को भरपूर जिये।
