छत्तीसगढ़ के वीरेंदर गन्धर्व जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बोल रहे है कि जिन लोगों में विवेक नहीं है वह व्यक्ति जानवर के बराबर है क्यूंकि जानवर और एक मनुष्य में सिर्फ बुद्धी अर्थात विवेक के होने से ही जानवर से अलग करता है। इस लिए प्रतियेक व्यक्ति को गुणवान और परोपकारी बनना है।