मध्यप्रदेश राज्य के मुरैना जिला से कालीचरण जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि शिक्षा और खेल एक दूसरे के पूरक है।एक तरफ जहां खेल के माध्यम से हमलोग अपने शरीर को स्वस्थ्य रख सकते है वही शिक्षा के माध्यम से हम अपने पुरे भविष्य को बदल सकते है।अत: जिस प्रकार विद्यालयों में विधा अर्जन करायी जाती है वही खेलो के लिए भी यह नियम अनिवार्य होना चाहिए कि हर एक स्कूलों में कम से कम आठ से दस अलग अलग प्रकार का खेल होना चाहिए। क्योंकि खेलो के माध्यम से भी कई विद्यार्थी अपने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर अपना जीवन यापन कर सकते है।अत: सरकार को खेलो को बढ़ावा देना चाहिए।
