आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से अजरूदीन जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जब हम किसी के यहाँ अतिथि बन कर जाते है तो हमलोग उनके यहाँ की चीजों पर कोई न कोई नुस्ख निकालते रहते है।उम्मीद करते है की अच्छे भोजन और पकवान मिलेंगे,ऐसा वैसा होगा।और जब हमारे मन मुताबिक़ कुछ ना हो तो घर वापस आने पर हम शिकायते करते है कि बेकार में वहाँ गए। तो दोस्तों ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए कही भी अतिथि बन कर जाने से पूर्व अपनी तरफ से पूरी तैयारी करके जानी चाहिए ,ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।