मध्य प्रदेश राज्य के राजगढ़ जिले से यशवंत सोलंकी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनके गांव में नाली की समस्या है। नाली बनवाने की कृपा करें
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए...
हमारा जन्म मां के गर्भ में होता है, गर्भ में संपूर्ण शारीरिक विकास की प्रक्रियां में हम गर्भ की नाल से जुड़े होते है, यह हमें सुरक्षित रखता है। क्यों कि तब हम पूर्णतः स्वतंत्र होते है, किसी वस्तू की जिज्ञासा नहीं होती है, न भविष्य की कल्पना, न अतित की चिंता होती है। लेकिन जैसे ही मां की गर्भ से बहार आते तब हमारी नाल काटी जाती है तब हमारा संबंध में मा के गर्भ की बहार की दुनिया से जुड़ता है। जहा जिज्ञासा, भविष्य की कल्पना, अतित की चिंता से लेकर अस्तित्व का विषय जुड़ जाते है। गर्भ में हम सुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन जैसी ही गर्भ के बहार नई दुनिया में प्रवेश करते तब स्वंय को असुरक्षित महसूस करते है। मां के गर्भ से निकला शिशु प्रारंभिक अवस्था में सामन्य आवाज में भी भयभीत होता है, आवाज की ध्वनी अधिक हो तो वह रोने लगता है। मां के गर्भ से बहार निकलने के बाद शिशु का ब्रेन सामन्यतः पूर्ण खाली होता है, असुरक्षा की भवाना उसके ब्रेन के अर्धचेतन अवस्था में रिकार्ड होने लगती है। इसी असुरक्षा की भावना से भय की शुरूआत यही से होती है।
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"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा, मछली पालन कब और कैसे कर सकते है इस बारे में जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान
पारा 6 डिग्री पर पहुंचा
बेख़ौफ़ अतिक्रमणकारियों
