मध्यप्रदेश राज्य के बड़वानी जिला से अशोक नीकुम निष्ठा स्वास्थ्य वाणी के माध्यम से बता रहे है कि देश में अब रोज 1 पॉइंट 60 लाख से अधिक कोरोना मरीज मिल रहे हैं मुंबई समेत कई बड़े शहरों में नए मरीजों की संख्या का नया पिक बन रहा है इस बीच सुखद ट्रेड यह है कि इस बार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है जो मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं उन्हें ऑक्सीजन या आईसीयू बेड की जरूरत दूसरी लहर के मुकाबले बहुत कम पड़ रही है देश की चार मेट्रो सिटी दिल्ली मुंबई चेन्नई और बेंगलुरु अर्बन में दूसरी लहर और तीसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन बेड और आईसीयू बेड की ऑक्युपेंसी में डाटा से पता चला है कि तीसरी लहर में बयान 9% तक ऑक्सीजन बेड की जरूरत कम पड़ रही है वही आईसीयू बेड की आवश्यकता में भी भारी कमी आई है दूसरी लहर के मुकाबले आईसीयू बेड महज 2% ही भरे है यानी बड़े शहरों में जहां कोरोना अधिक पर रहा है वहां मरीजों को सामान्य बेड की जरूरत पड़ रही है विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना का अमीक्लोन वैरीअंट पिछले वैद्यन के मुकाबले फेफड़ों को कम नुकसान पहुंचा रहा है