इन दिनों देश में जो हालात हैं वो किसी से छिपे हुए नहीं है. हर जगह धरना प्रदर्शन हो रहे हैं, आंदोलन हो रहे हैं. लोगों का गुस्सा उबाल मार रहा है. सरकार के खिलाफ जन आक्रोश वाकई परेशान कर देने वाला है.लेकिन इन सबके पीछे दबाया जा रहा है देश में मंदी का मुद्दा.इस बार जनता ने हमें बताया कि कैसे मंदी के कारण ग्रामीण विकास के काम अटके हुए हैं और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.ऑडियो पर क्लिक कर सुनें श्रोताओं की प्रतिक्रियाएँ।

मंदी के मकड़जाल में फंसने वालों में केवल शहरी युवा ही नहीं हैं बल्कि ग्रामीण युवा भी हैं. केवल शहर की नामी कंपनियां ही नहीं बल्कि गांव का मनरेगा भी शामिल है. जो युवा शहरी कंपनियों से बाहर निकाल दिए गए हैं वो गांव पहुंचे हैं और यहां भी मनरेगा में उन्हें काम नहीं मिल रहा है. अगर काम मिला है तो पैसा नहीं है... ज्यादा जानकारी के लिए अभी क्लिक करें और सुनें....