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साथियों, हम सरकार क्यों चुनते हैं? शायद इसलिए, ताकि वह हमारे लिए विकास की योजनाएं बनाएं. वह हमारे जीवन को सुलभ और आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए. लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी सरकारी कामकाज की सुस्त चाल से हम और आप परेशान ही रहते हैं. यह दिक्कत तब और बढ़ जाती है जब चुनाव आने वाले हों. जैसा कि अभी हो रहा है... साथियों, हमारे श्रोताओं ने इस मोबाइलवाणी एप पर बार—बार यह बात कही है कि चुनावों में ड्यूटी लगने के कारण सरकारी विभागों में कामकाज की गति और कम हो गई है. विधवाओं के खाते में पेंशन नहीं आ रही है और किसानों को लोन मिलना मुश्किल हो गया है. वर्तमान सरकार की तो तमाम योजनाओं पर तो जैसे बैन सा लग गया है. हालांकि इसमें चुनाव आयोग की कोई गलती नहीं है पर चुनावों का भार तो सरकारी कर्मचारियों पर ही है. यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग से लेकर शिक्षा विभाग तक का हर कर्मचारी चुनाव में सक्रीय भूमिका निभाने के चक्कर में व्यस्त है और जरूरतमंदों की कोई नहीं सुन रहा है? यदि आप भी अपने आसपास ऐसी ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो अपनी बात जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर रिकॉर्ड करें. हमें बताएं कि आखिर किन विभागों में अधिकारी—कर्मचारी सबसे ज्यादा व्यस्त हैं और आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है? अपनी बात रिकॉर्ड करें मोबाइल में नम्बर तीन दबाकर और सुनते रहें मोबाइलवाणी एप.