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कोरोना वायरस चीन से निकलकर एशिया के दूसरे देशों में पांव पसार रहा है। अब तक इस वायरस के तीन मामले जापान और थाइलैंड और एक मामला दक्षिण कोरिया में सामने आ चुका है। आस्‍ट्रेलिया में भी चीन से लौटे एक शख्‍स की गहन जांच की जा रही है। पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर कई देशों ने चीन की यात्रा करने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है। भारत ने भी इसी तरह का अलर्ट जारी कर रखा है। अकेले चीन में ही इसके अब तक करीब 220 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि तीन लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो चुकी है। वर्ष 2002 और 2003 में इसकी वजह से चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हुई थी।गौरतलब है कि इस वायरस को लेकर अभी तक कई सारी जानकारियां सामने नहीं आ सकी हैं। इनमें से एक और सबसे अहम जानकारी इस वायरस के फैलने को लेकर है। अभी तक इसको लेकर जो दो बातें सामने आई हैं उनमें इसका स्रोत सीफूड मार्केट और पशुओं को माना जा रहा है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने आशंका व्‍यक्‍त की है कि इसका स्रोत पशु हो सकते हैं। वहीं इस वायरस को लेकर एक बेहद खास जानकारी जो सामने आई है वो ये भी है कि यह किसी भी संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इसके अलावा मंत्रालय ने लोगों को कुछ एहतियात बरतने की भी सलाह दी है। ये सलाह चीन की यात्रा करने वालों के अलावा अन्‍य लोगों के लिए भी है।खांसी-जुकाम का होना इसके रोगी की पहचान है। खांसने और छीकने की वजह से यह वायरस खुली हवा में फैल जाता है ऐसे में व्‍यक्ति के आसपास का वातावरण भी दूषित हो जाता है, जिसकी वजह से वहां मौजूद अन्‍य लोग भी इसकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं। इसमें सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका वायरस कुछ माह से लेकर वर्षों तक भी जिंदा रह सकता है। इतना ही नहीं तापमान के अधिक गिरने पर भी यह वायरस जिंदा रह सकता है। इसके हवा में तेजी से फैलने की जानकारी भी कुछ जगहों पर सामने आई है। मल में इसका वायरस तलाशा जा चुका है और उस माहौल में यह करीब चार दिनों तक जिंदा रह सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो यह वायरस से ग्रसित रोगी के ठीक होने के बाद भी यह वायरस दोबारा हमला कर सकता है। इसके मुताबिक इस वायरस के संपर्क में आने के दो से दस दिनों के बाद व्‍यक्ति पर इसका असर दिखाई देने लगता है। श्रोताओं वैसे तो किसी भी तरह की बीमारी हो हमें सचेत रहना चाहिए। लेकिन अगर संक्रमण फैलने से जुड़ा कोई बीमारी है तो हमें ख़ास ध्यान देना चाहिए।तो आप इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए क्या करते हैं और किस तरह से सावधानीयाँ अपनाते हैं। इसके साथ ही किसी भी तरह की बीमारी का अंदेशा होने पर आप क्या करते है.? आप अपने विचार और अनुभव हमारे साथ साझा करें अपने फोन में नंबर 3 दबा कर।अगर यह खबर अच्छी लगी तो लाईक का बटन जरूर दबायें।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक महाभियोग की सुनवाई बृहस्पतिवार को सीनेट में शुरू हो गई. सीनेट में सांसदों ने शपथ ली कि वह इस बारे में निष्पक्ष निर्णय लेंगे कि अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति को पद से हटाया जाए या नहीं. अमेरिका के इतिहास में ऐसा तीन बार हुआ है जब सीनेट चैंबर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट की अध्यक्षता में महाभियोग की अदालत में तब्दील हो गया.रॉबर्ट ने सीनेटरों को ‘निष्पक्ष न्याय' करने की शपथ दिलायी. इस दौरान 99 सांसद मौजूद थे और एक अनुपस्थित थे. ट्रंप कई महीनों से महाभियोग की प्रक्रिया का मजाक बना रहे हैं और सुनवाई की शुरुआत को उन्होंने ‘फर्जी' करार दिया है. उन्होंने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से कहा कि मुझे विश्वास है कि इसे बहुत जल्दी खत्म होना चाहिए. उन्होंने कहा, यह पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें एक फर्जी प्रक्रिया से गुजरना होगा ताकि डेमोक्रेट इसे आजमा सकें और चुनाव जीत सकें. डेमोक्रेटक बहुल प्रतिनिधि सभा में ट्रंप पर 18 दिसंबर को महाभियोग चल चुका है. लेकिन सीनेट में उनके बरी होने की संभावना है क्योंकि यहां रिपब्लिक सदस्यों की संख्या ज्यादा है और ट्रंप को दोषी ठहराने और राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी.शपथ लेने के बाद सीनेट को मंगलवार दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. रिपब्लिक के एक सीनेटर जेम्स इनहोफ पारिवारिक कारणों से शपथ लेने नहीं पहुंचे थे. हालांकि उन्होंने कहा है कि वह मंगलवार तक आ जाएंगे और उन्हें शपथ दिलाई जाएगी

गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की झांकी राजपथ से होकर गुजरेगी। इसमें बल तूफान और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपने मानवीय प्रयासों को प्रदर्शित करने जा रहा है।बता दें कि प्राकृतिक आपदा और मानव निर्मित आपदा या ऐसी ही जीवन को संकट में डालने वाली परिस्थितियों के दौरान राहत एवं बचाव की विशेष जिम्मेदारी निभाने के लिए 2006 में इस बल का गठन किया गया था।एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि यह पहला मौका है जब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बल की झांकी राजपथ से होकर गुजरेगी। इसमें एनडीआरएफ के किए गए काम का समग्र प्रारूप दिखाया जाएगा। इसमें बीते वर्षो में एनडीआरएफ ने जो अनुभव अर्जित किए हैं, उनका प्रदर्शन होगा।उन्होंने कहा, 'चाहे बाढ़ हो, तूफान हो, और ढह गए ढांचे से बचाव का काम, बल ने प्रभावी तरीके से राहत और बचाव किया है। झांकी में इसे प्रदर्शित किया जाएगा।' राजपथ पर धीरे-धीरे बढ़ रही झांकी के साथ अपनी विशेष नीली वर्दी और नारंगी जैकेट में बल के कर्मी भी मौजूद रहेंगे।तो श्रोताओं ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए जुड़े रहे मोबाइल वाणी से और अगर यह खबर पसंद आई तो लाईक का बटन जरूर दबायें।

आपके पसंदीदा शिक्षक डॉक्टर मुकुंद कुमार आज मांग के विषय को विस्तारपूर्वक समझा रहें है। तो जल्दी से क्लिक करे ऑडियो पर और सुने आज की कड़ी।साथ ही अगर आपको यह कार्यक्रम पसंद आ रहा है तो लाइक का बटन ज़रूर दबाये, और अपने अन्य दोस्तों के साथ साझा करना ना भूले ।

नए साल में नए उम्मीद के कार्यक्रम शामिल हुए मोबाइल वाणी के नियमित श्रोता और अपनी बताई उम्मीदे अपनी जुवानी

नव वर्ष और नयी उम्मीदें इसी के साथ लोग प्रवेश करेंगे नए साल में। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

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पाकिस्तान के विदेश विभाग ने रविवार (22 दिसंबर) को जारी बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए वीजा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पाकिस्तान के विदेश विभाग की यह प्रतिक्रिया मीडिया में आई उन खबरों के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए वीजा नीति में बदलाव किया है।बयान में कहा गया, ''इस संबंध में आई खबरें आधारहीन और असत्य हैं। पाकिस्तान उच्चायोग सरकार की नीति और भारत-पाकिस्तान के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप जम्मू-कश्मीर के निवासियों को वीजा देना जारी रखेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।" विदेश विभाग ने यह भी कहा कि नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग क्षेत्र के निवासियों को वीजा जारी करने के दौरान पांच अगस्त को भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और अनुच्छेद-370 हटाने के फैसले के बाद उत्पन्न स्थिति को भी मद्देनजर रखेगा।पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।