स्कूली बच्चों की सेहत को बेहतर रखने के लिए अब नये सत्र 2019-20 से एक कक्षा स्वास्थ्य और खेल के लिए अनिवार्य रहेगी। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को इसकी सूचना भेजी है। बोर्ड के निर्देश के अनुसार पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के जरिये खेलों से जोड़ने का फैसला किया गया है। इसके लिए बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी है। हर दिन छात्रों को खेल और स्वास्थ्य की जानकारी दी जायेगी। बोर्ड की मानें तो सभी संबद्ध स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। इस विषय को मुख्य विषय के तौर पर लिया जाना है। स्वास्थ्य और खेल की यह कक्षा पूरी तरह से प्रयोगात्मक रहेगी। कक्षा के हर बच्चे को एक न एक खेल में हिस्सा लेना होगा। शिक्षा बोर्ड के इस कदम को छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा, तो श्रोताओं, आप भी हमे बताएं कि खेलों का एक विद्यार्थी के जीवन में कितना महत्व है? इस विषय पर अपने विचार रिकॉर्ड करवाएं