परंपरागत खेती के बजाय अब किसान फूलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं. चावल, गेंहू, प्याज, आलू जैसी फसलों में घाटा उठाने के बाद अब किसानों ने खेती के वैकल्पिक स्त्रोतों की तरफ ध्यान देना शुरू किया है. इस दिशा में करनाल के किसानों का प्रयास प्रेरणादायी है. यहां के अधिकांश किसानों ने अपने खेत में पारंपरिक फसलों के साथ फूलों की खेती शुरू की है. शादी और त्यौहारों के सीजन पर इन किसानों को खासा मुनाफा हो रहा है. जिले में करीब 200 एकड़ में फूलों की खेती हो रही है. इतना ही नहीं किसान फूलों को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक पहुंचा रहे हैं. जहां से उन्हें ज्यादा मुनाफा हो रहा है. क्या आपके क्षेत्र में किसानों ने परंपरागत खेती से हटकर वैकल्पिक खेती को महत्व दिया है? यदि हां तो उनके अनुभव हमारे श्रोताओं के साथ साझा करें.
