सिकंदरा मोबाइल वाणी के माधयम से विजय कुमार सिंह ये कहना चाहते है की राजनितिक दलों के लिए नोटा का बढ़ता प्रयोग बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले कुछ सालो में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में नोटा का प्रयोग हुआ है उससे स्पष्ट होता है की भारतीय मतदाता राजनितिक दलों को एक सन्देश दे रहा है की धारणाओं को छोड़कर ऐसे उम्मीदवार को उत्तरे जिसकी मानसिकता राजनीती के प्रति उच्च कोटि का हो और वो जाती धरम या क्षेत्र पर लोगों का भिभाज़न न करे और पुरे देश की नागरिक को एक सामान समझे। वर्तमान में हुए विधानसभा चुनाव में लाखो लोगों ने नोटा का प्रयोग कर राजनितिक दलों को बताया है अब बहुत हो गया प्रभावी रूप से नोटा तभी सफल माना जायेगा जब चुनाव आयोग को और ज्यादा सबिँधानिक समझा जाये और चुनाव आयोग को अधिक सवैंधानिक सेवचेता प्रदान की जाये और किसी छेत्र में नोटा मतों का प्रतिसत अधिक हो जाता है वैसे उम्मीदवार को चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का अधिकार भी आयोग के पास होना चाहिए।
