दिल्ली के सुंदरनगरी से मिथलेश श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलनी ही चाहिए तभी वो संपन्न हो सकती है

दिल्ली के सुंदरनगरी से रमा श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि अगर महिलाओं के पास जमीन का अधिकार है तभी वो अपने बच्चों को अच्छे से पाल लेगी

दिल्ली के सुंदरनगरी से मिथलेश श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को उनके ज़रुरत अनुसार और परिस्थिति अनुसार जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। तभी वो संपन्न हो सकती है। उनकी परिस्थिति को समझना चाहिए। कोई अधिकार लेना चाहता है और कोई अधिकार नहीं लेना चाहता है

दिल्ली के नन्द नगरी से राधिका ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए। ऐसा होगा तभी वो ससुराल और मायके से संपन्न हो सकती है।

दिल्ली के नंदनगरी से धानी श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में हिस्सा मिलना चाहिए। सम्पति के अधिकार से महिलाएँ आर्थिक तौर पर सशक्त बनती है। सामाजिक तौर पर भी मनोबल बढ़ता है। बच्चों और परिवार के पालन पोषण करने में सक्षम हो पाती है

दिल्ली के सुन्दर नगरी से काजल ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जमीन महिलाओं के नाम पर होगा तभी वो संपन्न होंगी

दिल्ली के सुन्दर नगरी से गायत्री देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि औरतों को भी मालिकाना हक़ मिलना चाहिए।

दिल्ली के सुंदरनगरी से मनारो देवी श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को मालिकाना हक़ मिलना ही चाहिए।

दिल्ली के सुंदरनगरी से सुशीला श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में हिस्सा चाहिए ताकि उनकी आर्थिक मदद हो सके। उनका घर हो सके ,बच्चों की परवरिश के लिए कुछ रहेगा।

दिल्ली के सुन्दर नगरी से सुनीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रॉपर्टी में हिस्सा नही चाहिए। क्योंकि उसके बदले में माँ-पिता दहेज देते हैं।