दिल्ली के सुन्दर नगरी से मनीषा की राय है कि सास्जुराल में बेटियों को सम्पत्ति या जमीन जायदाद में हिस्सेदार नहीं बनाया जाता है। मायके और ससुराल में उन्हें सम्पत्ति में हिस्सेदार बनाना चाहिए।ताकि वो भी अपने आप को मालिक समझ सके तथा अपना और बच्चों का भविष्य अच्छा बना सकें।