दिल्ली के सुंदरनगरी से गिन्नी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को हक मिलना चाहिए। बेटियों को भी अपने माता पिता के संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। वो अपने सुरक्षित भविष्य के लिए कहाँ और किसके पास जायेंगी। ससुराल पक्ष उनकी सहायता नहीं करता है। माता पिता के घर से उन्हें सहायता मिलती ही नहीं है। क्योंकि ऐसा कोई कानून ही नहीं है। इसलिए कानून बनना चाहिए उनको हक मिलना ही चाहिए। क्योकि किसी को ये हक नहीं की वो किसी का अधिकार छीना जाए
