दिल्ली के सुंदरनगरी से सुशीला श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को प्रॉपर्टी में हिस्सा चाहिए ताकि उनकी आर्थिक मदद हो सके। उनका घर हो सके ,बच्चों की परवरिश के लिए कुछ रहेगा।