तमिलनाडु के एक कतायी कारख़ाने या स्पिनिंग मिल से 35 बच्चों को मुक्त कराए जाने के बाद से वस्त्र-कारख़ानों में बाल-श्रम की समस्या से निबटने के प्रयास बढ़ गए हैं। इस सप्ताहांत शुक्रवार को केंद्रीय व्यापार संघों के आह्वान पर लगभग 6 लाख आशा कार्यकर्त्रियों द्वारा एक राष्ट्र-व्यापी हड़ताल करने की अपेक्षा थी। 10 केन्द्रीय व्यापार संघों द्वारा जारी एक वक्तव्य के अनुसार कार्यकर्त्रियाँ इस बात को ले कर विरोध प्रदर्शन कर रहीं हैं कि सरकार कोविड-19 के विरुद्ध लड़ायी में उनका पर्याप्त तथा अपेक्षित सहयोग नही कर रही है। इसमें सुरक्षा उपकरणों का अभाव, समय पर वेतन प्रदान नही करने तथा जोखिम भत्तों का भुगतान नही करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। भारत में सख़्त लॉकडाउन के कारण घर लौट चुके प्रवासी श्रमिकों के कारण देश के कुछ प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों जैसे खनन, विनिर्माण और खुदरा क्षेत्रों में श्रमिकों की अत्यधिक कमी चिंताजनक परिस्थितियाँ निर्मित होने लगी हैं। इण्डिया रेटिंग़्स एंड रीसर्च के अनुसार यदि आगामी महीनों में कर्मचारी-श्रमिक काम पर वापस नही लौटते हैं तो विनिर्माण और उत्पादन क्षेत्र को श्रमिकों की कमी के कारण मज़दूरी-वेतन में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।
