ज्योति कुमारी जी जिला जमुई से बताती है कि चुप्पी तोड़ ,आगे बढ़ी महिलायें।हमारी संस्कृति में शुरू से ही महिलायें सामान्य दर्जा मिला हुआ है। इनके बिना परिवार व समाज कल्पना सम्भव नहीं है। इनका आदर करना ही हमारा कर्तव्य और आदर करना इंसानियत का हुनर है ,लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह कुछ घिनोनी घटनाएं सामने आई है ,उनसे इंसानियत शर्मसार हुई है। महिलाओं के साथ योन हिंसा की वारदात बढ़ती जा रही है, इससे समाज को निजाजत दिलाने के लिए कठोर कानून की जरुरत है, ताकि ऐसी मानसिकता वालों पर नकेल कसी जा सके।