जमुई के मोहनपुर अलीगढ़ से खुश्बू कुमारी यह बताना चाह रही है कि पुरे विश्व के लगभग एक तिहाई जनसंख्या उन बच्चों का है। जिनकी आयु एक से चौदह वर्ष की है ,बचपन उम्र का ऐसा पड़ाव है। जहाँ से ब्यक्ति के भवष्य का निर्धारण होता है। घर और स्कूल ये सभी जगह तो इसकी सिखने के लिए जगह है। हर अभिभावक और माता पिता का सपना होता है की उनके बच्चे का शर्वाभिन्न विकाश हो। हर माता पिता और अभिभावक का श्वप्न साकार करने का एक साधन है। ये शिक्षा ही है जो व्यक्ति को को विकाश प्रदान करती है किसी भी राष्ट् का भविष्य वहां का बच्चों पर टिका रहता है
