जी हां आपको बता दें कि आज बुधवार के अहले सुबह में श्रद्धालुओं स्नान कर विभिन्न मठ-मंदिरों पर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर कई जगहों पर विशेष भंडारा का आयोजन किया गया। कुछ श्रद्धालुओं द्वारा बाग-बागीचा, जंगलों व कुंड के आसपास आंवला के पेड़ के नीचे सामूहिक भोज दिया गया। मान्यता के अनुसार, इस दिन आंवला के पेड़ के नीचे भोजन करना अमृत तुल्य होता है तथा इसे ग्रहण करने से सुख-समृद्धि होती है। जहां आंवला का पेड़ उपलब्ध नहीं रहता है, वहां के लोग भोजन में आज के दिन आंवला का सेवन अवश्य करते हैं। बागीचे के आंवला वृक्ष के नीचे बने भोज में शामिल होकर लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसका आयोजन धीरज गुप्ता ने किया था। बताया जाता है कि कार्तिक मास में आंवला वृक्ष के नीचे पकवान बनाकर खाने का विशेष धार्मिक महत्व है।