बिहार राज्य के मल्लिकपुर से आंचल कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहती हैं कि अनु और माला ने ख़राब आवाज और सही आवाज को पहचानने के लिए घड़े और तकिए को इस्तेमाल किया। जिसमे उन्हें घड़े में आवाज ख़राब सुनी दी और तकिए में आवज साफ़ सुनाई दी। उन्होंने बताया कि यह फेर बदल कार्यक्रम उन्हें बहुत ही अच्छा लगा।
