जी हां आपको बता देगी शारदीय नवरात्र के शुरुआत के साथ ही विभिन्न जगहों पर माता दुर्गा के पट को खोल दिया गया है और साथ ही साथ कुछ ऐसे भी जगह है जहां पर ऐसा मान्यता है कि छठी सप्तमी व अष्टमी के दिन माता दुर्गा का पट खोलना है ऐसे में चेनारी प्रखंड के मूर्ति कलाकार मोहन प्रजापति के द्वारा बताया गया कि माता दुर्गा के मूर्ति को दिन रात एक कर अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं वही उनके द्वारा यह भी बताया गया कि माता दुर्गा को बड़े साफ सुथरा तरीके से माता की प्रतिमा बनाई जाती है! उनके द्वारा बताया गया कि माटी साफ-सुथरे जगह से लाई जाती है वही गंगाजल गोमूत्र और गोबर का प्रयोग कर मूर्ति बनाने की परंपरा चली आ रही है उक्त बातें मूर्ति कलाकार मोहन प्रजापति के द्वारा बताया गया!
